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Thursday, 27 April 2017

ज्योति सोनी

✍प्रेरणा✍
यू ही गुजर रही थी जिन्दगी मेरी
कभी खुशी कभी गम में
चल रही थी जिन्दगी मेरी
न उमंग थी न तरंग थी
बस जिम्मेदारी से
भरी थी जिन्दगी मेरी
यू ही खामोशियो के साथ
चल रही थी जिन्दगी मेरी
ऐसे में वो आई जिन्दगी
में मेरी
बदल गई जिन्दगी मेरी
अंधेरे मन में ज्योति जलाई
नई खुशिया नई बहार लाई
जिने की मन में आस जगाई
नई प्रेरणा नई उमंग भर आई
मिली जो प्रेरणा उससे
हाथो ने कलम चलाई
कभी न गाया गीत
दिल ने आज महफिल सजाई
मिली जो प्रेरणा उससे
जिन्दगी बदल गई
✍ज्योति सोनी ✍

🎄🕯🎄🕯🎄🕯🎄🕯🎄

✍बड़वानी✍

सतपुड़ा में बसा
सुन्दर शहर बड़वानी
मां वैश्नव देवी
मुकुट है सिर का
ह्रदय में विराजे
सेठ सांवरिया
जिनकी जीवन रेखा
मां नर्मदे
चील काॅलेज में
बेठी मां शारदे
यहा का गणगौर
पर्व अदभुत
जहा भक्त की
खो जाती सुद-बुद
कूॅऐ में से रिद्धि-सिद्धि
के संग प्रगटे विनायक
जो सबकी कामना
पूर्ण करे ऐसे गणनायक
यहाॅ का मुख्य भोजन
मक्का की रोटी के
संग अंमाडी की भाजी
निमाडी खाकर होते राजी
जाम,केले,पपीते की बहार
मंडी में बिके सौप,
धनियाॅ,मिर्ची के बाजार
देखो राजघाट की 
शाम सुहानी
ज्योति हो गई
मां रेवा की दिवानी

🎄🕯🎄🕯🎄🕯🎄🕯🎄

✍घुंघट✍

नारी की है यही पहचान
घुंघट मे है उसकी शान
वसुंधरा सा धेर्य है उसमे
भास्कर सा तेज है उसमे
घुंघट में है शर्म हया
प्रियतम को तुमने रिझाया
घुंघट में है अपनी संस्कृति
विरासत में मिली स्मृति
आंचल में है छुपी सादगी
चाँद जैसी रहती ताजगी
नारी की है यही पहचान
घुंघट में है उसकी शान

✍ज्योति सोनी✍

🎄🕯🎄🕯🎄🕯🎄

✍  🌺 बासुरी 🌺✍
है कान्हा ये बांसुरी जब
अधरो पर आपके लगती है
तो सुद-बुध भुला देती है
ये निर्मोही मोह लगाकर
चली गई
इसकी धुन सुनकर
हम दौढी चली आती है
न होश था तन का
न होश था मन का
न डर था जमाने का
न दिन मै चैन था
न रात मै आराम
इसकी धुन मै दौढी
चली आती थी
तुम कहा चली गई
निर्मोही मोह लगाकर
चली गई
आँखे थक गई है
इंतजार करते-करते
आंसू भी सुख गए है
बहते-बहते
कब आओगे कान्हा
कब बजाओगे बांसुरी
✍ज्योति सोनी✍

🎄🎄🕯🕯🎄🎄🕯🕯🎄🎄

✍मन की बात✍

मोदी जी करते है
सबसे मन की बात
क्यो नही सुनते है
सीमा के जवानो के
मन की बात
अगर सुनते उन जवानो
के मन की बात तो
न शहीद होते जवान
न बीवी बेवा होती
न मां की गोद उजडती
न बेटे के सिर से
पिता का साया जाता
न एक बहिन का भाई जाता
न पिता का लाल जाता
और ना ही धरती
का सपूत जाता
तो सजा दो उस
गद्दार पाकिस्तान को
मार- गिराओ पाकिस्तान को
अब तो सुन लो
मोदी जी जवानो के
मन की बात

✍ज्योति सोनी✍

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💐!! मेरे कान्हा !!💐

प्रीत चदरिया ऐसी ओढ़ी ,
हो गयी मैं बेगानी ।
अपना पता खोजती डोलूं ,
बन के मैं दीवानी ।
बांसुरी की धुन पर ,
वन -वन खोजूं ,
बन के मैं मतवाली ।
श्याम प्रीत की ,
ओढनी ओढ़ के ,
हो गयीं मैं अनजानी ।
श्याम के रंग में ,
ऐसी रंग गयीं ,
हो गयी मैं भी कारी ।
श्याम रंग की चुनरिया ,
पर मैं जाऊं वारी -वारी |
प्रीत की सब रीतें भुला दूँ,
तन -मन की सुधि बिसरा दूँ |
प्रेम धुन पर ऐसे नाचूँ ,
छम छम होकर मैं मतवाली।।जिन्दादिली का नाम ही
जिन्दगी है
कुछ सपने सजाकर
हकीकत मे बदलने का
नाम ही जिन्दगी है
फर्ज निभाना,कर्ज चुकाना
दर्द मिटाने का नाम ही
जिन्दगी है
कुछ रूठ गए,कुछ छूट गए,
रूठो को मनाने का नाम
ही जिन्दगी है
कुछ पाप है,कुछ पुन्य है
पश्चाताप करने का नाम
ही जिन्दगी है
कुछ अपने है,कुछ पराये है
रिस्ते निभाने का नाम ही
जिन्दगी है।

ज्योति सोनी✍

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