[09/05, 1:50 a.m.]
जिंदगी
वह भूख खाती है
प्यास पीती है
वह मौत जीती है
अपने घाव खुद सीती है ।
[09/05, 1:50 a.m.]
हम कहते हैं
बदल देगें इतिहास
वह हँस रहा है
एक कँटीली हँसी
कटाक्ष कर
कह रहा है
खुद को बदले बिना
कैसे बदलेगा इतिहास ?
बगैर फेसबुक
बगैर वाट्स एप में दर्शाये गये
नहीं होती साधना पूरी
ढिंढोरे पीट कर
इतिहास बदलना
कोई सीखे हम से
[09/05, 1:51 a.m.]
समय एक तुनक मिजाज
इंसान है ।
जो मजाक कर तो लेता है किन्तु
सहता नहीं ।
[09/05, 1:51 a.m.]
वह बर्फ है
तुम आग बन जाओ
वह पानी है
तुम पत्थर बन जाओ
वह पत्थर है
तो भला उसी में है
कि तुम नदी बनकर बह जाओ ।
[09/05, 2:28 a.m.]
रजनीगंधा यह देख कर
हुई शर्म से लाल
भीड उन्ही के साथ थी
जिनके हाथ मशाल ।
जिनके हाथ मशाल
न पूछो बात उन्ही की
लाइक शेअर में दुबकी प्रतिभा
तिकडम ही टेलेन्ट जिन्ही की ।
दिन को कर दे रात
निशीचर बन जाये फंदा
क्यूं न हो फिर लाल
उजियारी निशिगंधा ।
🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄
[28/04, 16:14]
बेटियाँ खेलते खेलते बडी हो जाती है ,
पता ही नहीं चलता कि
कब खेल खत्म हो जाता है
और भाग्य का खेल शुरु हो जाता है ।
जया पाठक
👧👧👧
नन्ही मुस्कान--
किसी नन्हे बच्चे की मुस्कान
देख कर कवि ने क्या खूब लिखा है...
"दौड़ने दो खुले मैदानों में ,
इन नन्हें कदमों को साहब .!
जिंदगी बहुत तेज भगाती है ,
बचपन गुजर जाने के बाद .!!
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