Thursday, 27 April 2017

जीवन के रंग कई - आर.डी. वैरागी

जीवन में कई,
रंग भरे हैं,
चाहत के रंग से,
कब उभरे हैं,
दिल की चाहतों ने,
कभी घाव दिये हैं,
कभी घाव भरे हैं,
जीवन में कई,
रंग भरे हैं,
चाहत के ये कितने,
नज़ाकत रिश्ते
चाहत के ये कितने,
शरारत रिश्ते,
कितने उथले,
कितने गहरे हैं,
जीवन में कई,
रंग भरे हैं,
सागर हैं, कितना गहरा
उस पर हैं, लहरों का पहरा
दरियाओं का किनारा,
उसका हैं, सहारा
सागर ने भी,
कितने जख्म सहे हैं,
जो साहिल से कहे हैं,
जीवन में कई,
रंग भरे हैं

आर.डी.वैरागी।   *स्वरचित*
🍀🌺💕❤💕☘💐🌾👏🙏🏽📝✍🏽

दर्द का रिश्ता भी,दिल में हैं पलता
कभी दुख देता, तो कभी छलता
दर्द की गहराईयां कितनी होती हैं
गहरी, सागर की गहराईयों से भी
अधिक होती हैं. गहरी
जो नापने से नहीं नपता
दर्द तो दर्द हैं, जो हम दर्द नहीं बनता
🙏🏽📝✍🏽आर.डी.वैरागी**UR***


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