Friday, 28 April 2017

ज्योति सोनी


🌺मौसम ने ली अंगड़ाई🌺

मौसम ने ली अंगड़ाई
देखो कैसी गर्मी छाई
इस नौतपा मै यौवन छाया
देखो कैसी कुदरत की माया
धरती तपी तपा आसमान
जानवर तपा तपा इन्सान
पशु-पक्षी खग वृंद तपा है
देखो ये सारा जहाँ तपा है
ये ढूंढ रहे है तरूवर की छाया
कहा से लाऊ तरूवर की छाया
धरती करे पुकार
जागो मेरे लाल
ओढ़ा दो मुझे
हरियाली की चादर
जन-जन की है
यही पुकार
वृक्ष लगाओ अपार

✍ज्योति सोनी✍

2

✍पूनम की रात✍

आई पूनम की वो रात
सजी है तारो की बारात
लग रही है दुल्हन की तरह
चाँद ने अपनी चांदनी बिखेरी
हरियाली की चादर ओढ़े
सजी है फूलो की सेज
घनघोर काली घटा छाई
रिमझिम बरस रहा है मेघ
मौसम हो रहा है मदमस्त
आई पूनम की वो रात



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